Monday, 12 June 2017

बेटी के नाम खत


प्यारी बेटी,
तुम्हारा होने वाला पिता अभी महज़ 20 साल का हैं, मग़र !


अभी से वो सुनता हैं तुम्हारी किलकारियां, टहलते हुए
वो देखता हैं तुम्हारे नन्हे से कदम जमीं पर सरकते हुए
वो महसूस करता हैं तुम्हारी नींद ,भूख और हर अभिलाषा
वो समझता हैं  तुम्हारी, तोतले पन वाली प्यार भरी भाषा ।

मेरी गुड़िया,
अग़र हो सके  तो आना,  गुज़ारिश हैं ये
मेरी माँ, तुम्हारी दादी की ख्वाहिश है ये
घर की पहली किलकारी तुम्हारी गूंजे
हंसने की आवाज  प्यारी तुम्हारी गूंजे ।

मेरे बच्चे,
जरूर आना की मुझे चाहिए

जश्न  मनाने  का एक कारण
प्यार जताने  का एक कारण
खिलखिलाने का एक कारण
पूण्य  कमाने का एक कारण ।

अपने  बुढ़ापे  में एक दोस्त
अपनी गरीबी  में एक दोस्त
असहाय होने पर एक दोस्त
अपनी बीमारी में एक दोस्त ।

जो कदापि संभव नही के एक पुत्र हो ।

तो मेरी ख्वाहिश की माँ,
तुम जनना एक नन्ही सी तितली को की

तुम्हारे भावी पति की पहली मुराद है ये
तुम्हारे  माथे  के  सिंदूर  का ख्वाब हैं ये
हमारे आंगन  में उछले, कूदे, उधम करें
ईश्वर हमे बेटी दे की चलो ये हवन करें ।।



प्रेम सहित तुम्हारे इंतज़ार में

                                    तुम्हारा भावी पिता
                                    - दुर्गेश

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